संयोग या सत्य !!!

 :रातभर नींद न आने से उपजा ज्ञान ;)


   कभी सोचा है आपने विभिन्न धर्मों-मजहबों में  उनके #ईश्वर के नाम कैसे गढ़े गए?


     इस्लाम की बात करें तो तब अरब की तीन प्रमुख देवियों मे से  थीं 'अल लात''...मोहम्मद ने इनकी पूजा बंद करवा मूर्तियां तुड़वा दी थी। नए ईश्वर की जरूरत पड़ी तो इन्हीं से नाम लेकर 'अल्लाह'' गढ़ लिया!


    भारत में तीन प्रमुख देवता रहे हैं...ब्रह्मा – Generator (सृष्टिकर्ता), विष्णु – Operator (पालनकर्ता) और शिव – Destroyer (संहारकर्ता)।


    यहूदियों से निकले ईसाइयों को भी नया #ईश्वर चाहिए था, तो उन्होंने Generator से G, operator से O और destroyer से D लेकर 'GOD' बना लिया...

    ईश्वर का संधिविच्छेद है ईश+वान...अर्थात शासक जो श्रेष्ठ हो। तो यीशु मसीह नाम भारत आया तो 'ईशा' मसीह हो गया! 

पारसियों का 'अहुर मज़्दा' तक वेदों के असुर से बना है...

 परंतु सबसे सुंदर बात यह है कि अपना #भगवान' किसी की नकल नहीं... 'भग' माने शुभ, श्रेष्ठ या भाग्यवान।

     और अधिक गूढ़ता में जाओ तो 'भगवान' के पाँच अक्षर पंचतत्व का दर्शन भी कराते हैं! जैसे भ से 'भूमि', ग से 'गगन', व से 'वायु' अ से 'अग्नि', और न से 'नीर'...

   है न अपना सनातन महान...

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