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दिल्ली में तिरुपति बालाजी

 #tirupatibalaji       सुना तो था दिल्ली में भी है तिरुपति बालाजी मंदिर, पर दर्शन कुछ दिन पहले ही किये। कहते हैं आंध्रप्रदेश के तिरुमाला पर्वत पर स्थापित भगवान विष्णु को समर्पित मूल मंदिर चमत्करिक आश्चयों से भरा है! स्वयं भगवान बालाजी की प्रतिमा भी अनूठी और रहस्मयी है...       पर जो दूर दक्षिण नहीं जा सकते, उनके लिए दिल्ली में दर्शन की व्यवस्था है... मंदिर का आकार छोटा अवश्य  है पर शिल्प वही है। भगवान बालाजी भी वैसे ही दिखते हैं... पुजारी, पूजा,अनुष्ठान, उत्सव, अभिषेक दर्शन सब परंपराएं मूल मंदिर के अनुरूप है! यहाँ तक कि प्रसादम का लड्डू भी तिरुपति से ही आता है और सप्ताहांत में भक्तों को वितरित किया जाता है....

संयोग या सत्य !!!

 :रातभर नींद न आने से उपजा ज्ञान ;)    कभी सोचा है आपने विभिन्न धर्मों-मजहबों में  उनके #ईश्वर के नाम कैसे गढ़े गए?      इस्लाम की बात करें तो तब अरब की तीन प्रमुख देवियों मे से  थीं 'अल लात''...मोहम्मद ने इनकी पूजा बंद करवा मूर्तियां तुड़वा दी थी। नए ईश्वर की जरूरत पड़ी तो इन्हीं से नाम लेकर 'अल्लाह'' गढ़ लिया!     भारत में तीन प्रमुख देवता रहे हैं...ब्रह्मा – Generator (सृष्टिकर्ता), विष्णु – Operator (पालनकर्ता) और शिव – Destroyer (संहारकर्ता)।     यहूदियों से निकले ईसाइयों को भी नया #ईश्वर चाहिए था, तो उन्होंने Generator से G, operator से O और destroyer से D लेकर 'GOD' बना लिया...     ईश्वर का संधिविच्छेद है ईश+वान...अर्थात शासक जो श्रेष्ठ हो। तो यीशु मसीह नाम भारत आया तो 'ईशा' मसीह हो गया!  पारसियों का 'अहुर मज़्दा' तक वेदों के असुर से बना है...  परंतु सबसे सुंदर बात यह है कि अपना #भगवान' किसी की नकल नहीं... 'भग' माने शुभ, श्रेष्ठ या भाग्यवान।      और अधिक गूढ़ता में जाओ तो 'भगवान' के पाँच अक्ष...